गैंगस्टर लॉरेंस के जीवन और उससे जुड़े घटनाक्रमों पर आधारित वेब सीरीज ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ पर केंद्र सरकार ने रोक लगा दी है। इसको लेकर पंजाब पुलिस ने केंद्र को पत्र लिख राज्य का माहौल खराब होने का हवाला देकर रोक की मांग की थी। दूसरी तरफ लॉरेंस के परिवार ने भी इस सीरीज का विरोध किया था। लॉरेंस बिश्नोई के परिवार ने इस सीरीज के कंटेंट, इसके निर्माण की प्रक्रिया और रिलीज होने के समय पर सवाल खड़े किए थे। वेब सीरिज बनाने के लिए न तो परिवार से परमिशन ली गई है और न ही सरकार से। लॉरेंस के चाचा रमेश का कहना है कि फिल्म के प्रोड्यूसर पर इस मामले में सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। बता दें कि लॉरेंस गैंग ने साल 2022 में पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या, फिर 2023 में करणी सेना के नेता सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के मर्डर, एनसीपी विधायक बाबा सिद्दीकी की हत्या और सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग की जिम्मेदारी ले चुका है। लॉरेंस के परिवार को क्यों था वेब सीरिज पर एतराज… राजा वड़िंग ने भी वेब सीरिज पर रोक लगाने की मांग की थी उधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी इस सीरीज का विरोध किया था। वड़िंग का मानना है कि पंजाब पहले से ही नशा और गन-कल्चर जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है, ऐसे में इस तरह का कंटेंट आग में घी डालने का काम करता है। पढ़ें वड़िंग ने विरोध में क्या कहा… --------------- यह भी पढ़ें- लॉरेंस इंटरव्यू मामले में बर्खास्त DSP की याचिका पर सुनवाई:एडवोकेट बोले-गलत तरीके से फंसाया; खरड़ सीआईए में हुआ था इंटरव्यू गैंगस्टर लॉरेंस के टीवी इंटरव्यू के मामले में बर्खास्त डीएसपी गुरशेर सिंह की याचिका पर आज पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत में दायर याचिका में गुरशेर के वकीलों ने कहा कि वह बेकसूर हैं, क्योंकि वहां पर सुरक्षा का जिम्मा विभिन्न अधिकारियों के पास था। लॉरेंस की कस्टडी एजीटीएफ के पास थी। ऐसे में उनकी इंटरव्यू में भूमिका कैसे हो सकती है। पढ़ें पूरी खबर…