चित्तौड़गढ़ (मेवाड़) के श्रीसांवलिया सेठ मंदिर को एक महीने में दान में मिली राशि ने नया रिकॉर्ड बनाया है। एक महीने (18 मार्च से 16 अप्रैल तक) में कुल 41 करोड़ 67 लाख 38 हजार 569 रुपए चढ़ावे की राशि प्राप्त हुई। एडीएम और मंदिर मंडल की सीईओ प्रभा गौतम ने बताया- 16 अप्रैल को चतुर्दशी के दिन भंडार खोला गया था। इसके बाद सात राउंड में गिनती की गई। इस दौरान मंदिर के भंडार से कुल 33 करोड़ 21 लाख 63 हजार 539 रुपए प्राप्त हुए। भेंटकक्ष और ऑनलाइन माध्यम से 8 करोड़ 45 लाख 75 हजार 30 रुपए मिले। इनके अलावा करीब 1 करोड़ रुपए कीमत का सोना और करीब 2 करोड़ रुपए की चांदी की भेंट भी चढ़ावे में आई है। प्रभा गौतम ने बताया- इस महीने भंडार, भेंटकक्ष और ऑनलाइन माध्यम से कुल 41 करोड़ 67 लाख 38 हजार 569 रुपए की दान राशि प्राप्ति हुई है। यह एक महीने (29 दिन) में मिली अब तक की सबसे ज्यादा राशि है। इससे पहले, साल 2025 में अप्रैल में अमावस्या पर खोले गए भंडार से करीब 25 करोड़ रुपए चढ़ावे में मिले थे, जो एक महीने में सबसे ज्यादा थे। वहीं, मंदिर में दर्शन की नई व्यवस्था लागू की गई है। अब मोरपंख और 56 भोग लगाने की परंपरा बंद कर दी गई है। सोना-चांदी का भी हुआ तौल आखिरी राउंड की गिनती के दौरान शुक्रवार को कुल 660 ग्राम 500 मिलीग्राम सोना और 84 किलो 620 ग्राम चांदी का तौल हुआ। राजस्थान सर्राफा संघ के महामंत्री किशन पिछोलिया के अनुसार, इस सोने की कीमत करीब 1 करोड़ और चांदी की लगभग 2 करोड़ रुपए है। इसके अलावा काफी मात्रा में विदेशी मुद्रा और चेक भी प्राप्त हुए हैं, जिनकी प्रक्रिया अलग से अपनाई जा रही है। जानिए- पहले से आखिरी राउंड तक कितना मिला चढ़ावा पिछले साल बना था दो महीने की सर्वाधिक दान राशि का रिकॉर्ड मंदिर प्रशासन का कहना है कि नवंबर, 2025 में दिवाली के बाद खोले गए भंडार के दौरान 51 करोड़ 27 लाख 30 हजार 112 रुपए चढ़ावा आया था। यह अब तक की सर्वाधिक दान राशि है। हालांकि यह दो महीने (21 सितंबर से 18 नवंबर तक) की दान राशि का रिकॉर्ड है। जानें- क्यों बंद 56 भोग लगाना मंदिर में मोरपंख और 56 भोग की व्यवस्था को बंद कर दिया गया है। मंदिर मंडल के अध्यक्ष हजारीदास वैष्णव ने बताया कि मंदिर में बढ़ती भक्तों की संख्या के कारण प्रशासन ने ये निर्णय लिया है। नए नियम के अनुसार अब भक्त सिर्फ भंडार में नकद राशि या सोना-चांदी जैसी भेंट ही दे सकेंगे। दर्शन के लिए उन्हें खाली हाथ ही मंदिर में जाना होगा। नई व्यवस्था शनिवार (25 अप्रैल) से लागू हो गई है। पूरी खबर पढ़िए… ग्राफिक में समझिए सांवलिया सेठ मंदिर का इतिहास … सांवलिया सेठ के चढ़ावे से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… सांवलिया सेठ को डेढ़ महीने में 46-करोड़ रुपए का चढ़ावा:भक्तों ने 3 किलो सोना और 152 KG चांदी के गहने-आइटम भी किए दान चित्तौड़गढ़ (मेवाड़) के श्रीसांवलियाजी सेठ मंदिर में डेढ़ महीने (18 जनवरी से 1 मार्च तक) के दौरान चढ़ावे में 46 करोड़ 58 लाख 32 हजार 924 रुपए मिले। (पढ़ें पूरी खबर) सांवलिया सेठ के चढ़ावे का रिकॉर्ड टूटा, ₹51 करोड़ आए:भक्तों ने 1 किलो से ज्यादा सोना, 207 किलो से ज्यादा चांदी दान की चित्तौड़गढ़ (मेवाड़) के कृष्णधाम श्रीसांवलियाजी सेठ मंदिर को दान में मिली राशि ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। गुरुवार को हुए छठे और आखिरी राउंड में गिनती पूरी हुई। (पढ़ें पूरी खबर)