दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) के रामानुजन कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. रसाल सिंह के निलंबन आदेश को आधिकारिक रूप से निरस्त कर दिया है। जस्टिस पुरुषेंद्र कौरव की बेंच ने यह फैसला प्रो. सिंह द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुनाया। प्रो. सिंह पर कॉलेज की ही 3 महिला असिस्टेंट प्रोफेसरों ने यौन प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद डीयू के डिप्टी रजिस्ट्रार के निर्देश पर एक ‘फैक्ट फाइंडिंग कमेटी’ गठित की गई, जिसकी रिपोर्ट पर सितंबर 2025 में उन्हें निलंबित कर दिया गया था। हाईकोर्ट ने पाया कि निलंबन की पूरी प्रक्रिया कानूनी रूप से गलत थी।